Shev/Shiv Dharma in Hindi | Vaishnav Dharam in Hindi | वैष्णव संप्रदाय| शैव संप्रदाय
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| Shev/Shiv Dharma in Hindi |
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शैव संप्रदाय
शैव संप्रदाय - शैव में शाक्त, नाथ, दसनामी, नाग आदि उप संप्रदाय हैं। शैव मत का मूल रूप ॠग्वेद में रुद्र की आराधना में है। 12 रुद्रों में प्रमुख रुद्र ही आगे चलकर शिव, शंकर, भोलेनाथ और महादेव कहलाए।
शिव का निवास कैलाश पर्वत पर माना गया है।
शिव का निवास कैलाश पर्वत पर माना गया है।
शिव के अवतार -
शिव पुराण में शिव के भी दशावतारों का वर्णन तंत्रशास्त्र से संबंधित हैं👇
1-महाकाल, 2- तारा, 3- भुवनेश, 4- षोडश, 5- भैरव, 6- छिन्नमस्तक गिरिजा, 7- धूम्रवान,
8-बगलामुखी, 9- मातंग 10. कमल नामक अवतार हैं।
इन अवतारों के अलावा शिव के दुर्वासा, हनुमान, महेश, वृषभ, पिप्पलाद, वैश्यानाथ, द्विजेश्वर, हंसरूप, अवधूतेश्वर, भिक्षुवर्य, सुरेश्वर, ब्रह्मचारी, सुनटनतर्क, द्विज, अश्वत्थामा, किरात और नतेश्वर आदि अवतारों का उल्लेख भी 'शिव पुराण' में हुआ है जिन्हें अंशावतार माना जाता है।
शैव व्रत और त्योहार -👇
चतुर्दशी, श्रावण मास, शिवरात्रि, रुद्र जयंती, भैरव जयंती आदि।
चतुर्दशी, श्रावण मास, शिवरात्रि, रुद्र जयंती, भैरव जयंती आदि।
शैव धर्म कहा जाता है - शिव से सम्बन्धित धर्म को
शिव कहते हैं- भगवान शिव की पूजा करने वालों को शिव एवं शैव कहा जाता है।
शिवलिंग उपासना के प्रारंभिक पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं- हड़प्पा सभ्यता के संस्कृत के अवशेषों से मिलता है।
रुद्र नामक देवता का उल्लेख कहां है- ऋगवेद में
शिव को भव, शर्व, पशुपति, एवं भूपति कहा गया है- अथर्ववेद में
लिंग-पूजा का प्रथम स्पष्ट वर्णन मिलता है- मत्स्यपुराण में
महाभारत के किस पर्व में लिंग-पूजा का वर्णन मिलता है- अनुशासन पर्व में
रुद्र के पत्नी के रूप में पार्वती का उल्लेख किसमें मिलता है- तैत्तिरीय आरण्यक में
शिव के पत्नी की सौम्य रूप- पद्मा, पार्वती, उमा, गौरी, एवं भैरवी
वामन पुराण में शैव सम्प्रदाय की संख्या बतायी गयी है- चार
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1. पाशुपत-
शैवों का सर्वाधिक प्राचीन समप्रदाय है- पाशुपत संप्रदाय
पाशुपत संप्रदाय के संस्थापक- लकुलीश
भगवान शिव के 18 अवतारों में से एक बताया गया हैं- लकुलीश
पाशुपत संप्रदाय के अनुयायियों को कहा गया है- पंचार्थिक
पाशूपत संप्रदाय का सैद्वान्तिक ग्रंथ को कहा गया है- पाशुपत सूत्र
2. कापालिक
कापालिक सम्प्रदाय के ईष्टदेव थे- भैरव
कापालिक सम्प्रदाय का पमुख केन्द्र था- श्री शैल
3. कालामुख
कालामुख सम्प्रदाय के अनुयायिओं को शिव पुराण में कहा गया है- महाव्रतधर
कालामुख सम्प्रदाय के लोगों के रहने का तरीका- इस सम्प्रदाय के लोग नर-कपाल में भोजन, जल तथा सुरापान करते हैं और साथ ही अपने शरीर पर चिता की भस्म मलतें हैं।
4. लिंगायत
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लिंगायत सम्प्रदाय प्रचलित था- दक्षिण में और ये शिव-लिंग की उपासना करते थे।
लिंगायतों का मुख्य धार्मिक ग्रंथ है- शून्य सम्पादने
लिंगायत सम्प्रदाय का अन्य किस नाम से जाना जाता है- जंगम, वीरशिव सम्प्रदाय
बसव पुराण में लिंगायत सम्प्रदाय के प्रवर्तक बताया गया है- अल्लभ प्रभु तथा उनके शिष्य बासव को
10वीं शताब्दी में नाथ सम्प्रदाय की स्थापना की- मत्स्येन्द्रनाथ ने पर व्यापक प्रचार-प्रसार गोरखनाथ के समय में हुआ।
दक्षिण भारत में शैवधर्म लोकप्रिय हुआ- चालुक्य, राष्ट्रकूट, पल्लव एवं चोंलों के समय में
पल्लव काल में शैव धर्म का प्रचार- प्रसार किनके द्वारा किया गया- नायनारों द्वारा
नायनार सन्तों की संख्या बतायी गयी है- 63
एलोरा के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर का निर्माण किसके द्वरा करवाया गया- राष्ट्रकूट द्वारा
तंजौर में प्रसिद्ध राजराजेश्वर शैव मंदिर का निर्माण करवाया- राजराज प्रथम ने
प्रसिद्ध राजराजेश्वर शैव मंदिर का अन्य नाम- बृहदीश्वर मंदिर
शिव एवं नन्दी का एक साथ अंकन प्राप्त होता है- कुषाण शासकों की मुद्राओं पर
शैव धर्म के सम्प्रदाय और संस्थाकः
सम्प्रदाय
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संस्थापक
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आजीवक
| मक्खलिपुत्र गोषाल |
घोर अक्रियवादी
| पूरण कष्यप् |
यदृच्छायावाद
| आचार्य अजित |
भौतिकवादी
| पकुध कच्चायन भौतिक दर्षन |
अनिष्चयवादी
| संजय वेट्ठलिपुत्र |
जानने के लिए क्लीक करें ➜➜-Jain Dharma General knowledge in Hindi
Vaishnav Dharam in Hindi | वैष्णव संप्रदाय
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वैष्णव संप्रदाय के उप संप्रदाय - वैष्णव के बहुत से उप संप्रदाय हैं- जैसे बैरागी, दास, रामानंद, वल्लभ, निम्बार्क, माध्व, राधावल्लभ, सखी, गौड़ीय आदि। वैष्णव का मूलरूप आदित्य या सूर्य देव की आराधना में मिलता है पुराणों में विष्णु पुराण प्रमुख है। विष्णु का निवास समुद्र के भीतर माना गया है।
24 अवतारों का क्रम निम्न है 👇👇
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| Vaishnav Dharam in Hindi | वैष्णव संप्रदाय |
-1. आदि परशु 2. चार सनतकुमार 3. वराह
4. नारद 5. नर-नारायण 6. कपिल 7. दत्तात्रेय
8. याज्ञ 9. ऋषभ 10. पृथु 11. मत्स्य 12. कच्छप
13. धन्वंतरि 14.मोहिनी 15. नृसिंह 16. हयग्रीव
17. वामन 18. परशुराम 19. व्यास 20. राम 21. बलराम, 22. कृष्ण 23. बुद्ध 24. कल्कि।
4. नारद 5. नर-नारायण 6. कपिल 7. दत्तात्रेय
8. याज्ञ 9. ऋषभ 10. पृथु 11. मत्स्य 12. कच्छप
13. धन्वंतरि 14.मोहिनी 15. नृसिंह 16. हयग्रीव
17. वामन 18. परशुराम 19. व्यास 20. राम 21. बलराम, 22. कृष्ण 23. बुद्ध 24. कल्कि।
वैष्णव ग्रंथ - ऋग्वेद में वैष्णव विचारधारा का उल्लेख मिलता है। ईश्वर संहिता, पाद्मतन्त, विष्णु संहिता, शतपथ ब्राह्मण, ऐतरेय ब्राह्मण, महाभारत, रामायण, विष्णु पुराण आदि।
वैष्णव तीर्थ - बद्रीधा,मथुरा, अयोध्या,, तिरुपति बालाजी, श्रीनाथ, द्वारकाधीश।
वैष्णव संस्कार ---👐👇👇
- मंदिर में विष्णु, राम और कृष्ण की मूर्तियां होती हैं। एकेश्वरवाद के प्रति कट्टर नहीं है।
- इसके संन्यासी सिर मुंडाकर चोटी रखते हैं।
- इसके अनुयायी दशाकर्म के दौरान सिर मुंडाते वक्त चोटी रखते हैं।
- ये सभी अनुष्ठान दिन में करते हैं।
- ये सात्विक मंत्रों को महत्व देते हैं।
- जनेऊ धारण कर पितांबरी वस्त्र पहनते हैं और हाथ में कमंडल तथा दंड रखते हैं।
- वैष्णव सूर्य पर आधारित व्रत उपवास करते हैं।
- वैष्णव दाह-संस्कार की रीति है।
- यह चंदन का तिलक खड़ा लगाते हैं
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| Vaishnav Dharam in Hindi | वैष्णव संप्रदाय |
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वैष्णव धर्म के बारे में प्रारंभिक जानकारी कहां से मिलती है- उपनिशदों से
इसका विकास हुआ है- भगवत धर्म से
नारायण के पूजक मूलतः कहे जाते हैं- पंचराज
वासुदेव कृष्ण का अल्लेख सर्वप्रथम हुआ है- छांदोग्य उपनिषद् में देवकी-पुत्र अंगीराज के शिष्य के रूप में
वैष्णव धर्म के प्रवर्तक थे- वासुदेव कृष्ण
वासुदेव कृष्ण किस कबीले के थे- वृषण कबीले और निवास स्थान मथुरा था।
वासुदेव कृष्ण का सबसे प्रारंभिक अभिलेखीय उल्लेख हुआ है- बेसनगर स्तम्भ अभिलेख से
विष्णु के दस अवतारों का उल्लेख हुआ है- मत्स्यपुराण में
वैष्णव धर्म में ईष्वर को प्राप्त करने के लिए सर्वाधिक महत्व दिया गया है- भक्ति को
भगवान विष्णु के चक्र में कितनी तिलियाॅ हैं- छः
अंकोरवाट का मंदिर किसके द्वारा बनवाया गया- कंबोडिया कंबोज के राजा सूर्यवर्मा ii द्वारा 1113-1150 में.
प्रमुख सम्प्रदाय मत एवं आचार्य
प्रमुख सम्प्रदाय
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आचार्य
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वैष्णव सम्प्रदाय
| विशिष्टाद्वैत | रामानुज | |
ब्रह्म सम्प्रदाय
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द्वैत
| आनन्दतीर्थ | |
रुद्र सम्प्रदाय
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शुद्धादैत
| बल्लभाचार्य | |
सनक सम्प्रदाय
|
द्वैताद्वैत
| नित्बार्क |





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